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उत्तराखंड राज्य में   121681 वन पंचायतों के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है              
July 17, 2020 • Aankhen crime par • उत्तराखण्ड

चमोली उत्तराखंड
उत्तराखंड राज्य में   121681 वन पंचायतों के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है              

रिपोर्ट केशर सिंह नेगी।                      

राज्य मंत्री (दर्जा प्राप्त)/उत्तराखंड सरपंच सलाहकार परिषद के मा0 अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सिंह बिष्ट ने हरेला कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत टंगसा के वन पंचायत क्षेत्र में पौध रोपण करते हुए चिपको आंदोलन के नेता एवं पर्यावरणविद् स्व0 चक्रधर तिवारी को श्रद्वांजलि दी। उन्होंने कहा कि वनों के संरक्षण एवं सवर्धन में स्व0 चक्रधर तिवारी की अहम भूमिका रही है और हम सभी को उनका अनुसरण करना चाहिए। राइका इंटर काॅलेज टंगसा में क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए मा0 मंत्री ने कहा कि देश इस समय कोरोना संक्रमण के कठिन दौर से गुजर रहा है। हम सबको अपने आप को सुरक्षित रखते हुए प्रकृतिक को भी संरक्षित करना होगा। ताकि हमारी आने वाली पीढी सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की सरकार कोरोना संकट में भी बेहतर ढंग से विकास कार्यो को तेजी से आगे बढाने का कार्य कर रही है। पिछले 4 महीनों में राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा के तहत सभी पेंशनरों के खातों में एडवांस में एकमुस्त पेंशन पहुॅचाने का काम किया है। लाॅकडाउन में कोई भूखा न रहे इसके लिए पर्याप्त मात्रा में राशन वितरण किया। देश के विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासियों को वापस लाने का काम किया और अब प्रवासियों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू की गई है। त्रिस्तरीय पंचायतों को मजबूत करने के लिए राज्य सराकर ने 238 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। मा. मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड राज्य में 12168 वन पंचायतें है। इनके विकास के लिए भी सरकार प्रतिबद्व है और आने वाले 6 महीनों में बहुत कुछ परिवर्तन देखने को मिलेगा। कहा कि हरेला पर्व पर पूरे राज्य में 2 करोड पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वन पंचायत क्षेत्रों से एकत्रित किए गए पिरूल खरीदने के लिए 3.5 रुपये प्रतिकिलो के दर से भुगतान करेगी। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को राज्य सरकार की योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करने को कहा ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ ले सके। इस अवसर पर टंगसा के वन पंचायत सरपंच ने पूरे ग्राम सभा की ओर से 4 सूत्री मांग पत्र भी मा0 मंत्री को सौंपा। जिसमें उन्होंने चिपको आंदोलन के नेता स्व0 चक्रधर तिवारी के नाम से वन पंचायत टंगसा में स्मृति वन निर्माण हेतु राजकीय मदद देने, राइका टंगसा में खेल मैदान के सुधारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण, ग्राम पंचायत टंगसा में विवाह एवं अन्य समारोह के लिए टेंट एवं साज सज्जा सामग्री, टंगसा वन पंचायत की 500 हैक्टियर भूमि पर चीड वृक्षों का उन्मूलन एवं चारापत्ती पौधों को लगाने हेतु राजकीय मदद देने की बात कही। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। 

 इसके बाद मा0 राज्य मंत्री (दर्जा प्राप्त) ने केदारानाथ वन प्रभाग के सभागार में चमोली वन विभाग के सभी अधिकारियों की बैठक लेते हुए वन पंचायतों में संचालित कार्यो की गहनता से समीक्षा की। उन्होंने सभी डिविजनों की वन पंचायतों में ग्रीन इंडिया मिशन के तहत किए गए कार्यो, लेन्टना उन्मूलन, नमामि गंगे, चारा पत्ती, विकास, चालखाल निर्माण, वनीकरण, फायर वर्क, कैट प्लान, जायका, हरेला आदि के तहत संचालित कार्यो की जानकारी ली। मा0 मंत्री ने आगामी 14 अगस्त तक सभी वन पंचायतों में हरेला कार्यक्रम के तहत वृहद पौधरोपण अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। जंगली जानवरों से मवेशियों की क्षतिप्रतिपूति के लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण करने को कहा। स्वयं सहायता समूहों की आजीविका बढाने के लिए कार्य करने पर जोर दिया। मा0 मंत्री ने कहा कि जिन वन पंचायतों में जायका प्रोग्राम के तहत चालखाल, पौधरोपण, चैकडैम आदि कार्य किए जा रहे है उन वन पंचायतों को छोड़कर अन्य सभी वन पंचायतों में वन विभाग की योजनाओं के तहत विकास कायों को तेजी से पूरा करना सुनिश्चित करें।
इससे पूर्व मा0 राज्य मंत्री ने लोनिवि गेस्ट हाउस में प्रेस वार्ता करते हुए केन्द्र एवं राज्य सरकार की विकास नीतियों एवं योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार जीरो टाॅलरेन्स की नीति से लगातार आगे बढ रही है। तीन वर्षो में राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने एवं पारदर्शिता के साथ विकास कार्यो को पूरा करने का काम किया है। पहाड़ो से पलायन रोकने के लिए कारगर कदम उठाए गए है। आज रेल मार्ग, आॅलवेदर मोटर मार्ग सहित कई विकास कार्य  तेज गति से आगे बढ रहे है।

कोरोना महामारी के चलते लाॅकडाउन में राज्य सरकार ने गरीबों के अलावा सामान्य वर्ग के लोगों  तक भी पर्याप्त राशन पहुॅचाने की व्यवस्था की। कोरोना से बचाव के लिए सरकार ने 13 लाख मास्क बांटे। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए चिकित्सक, नर्स एवं अन्य स्टाॅफ सहित आवश्यक उपकरण जैसे वैटिलेटर व दवाईयों की कमी को दूर किया है। कोरोना संकट में देश के विभिन्न राज्यों में फंसे 3.28 लाख लोगों को वापिस लाने का काम किया। आज उत्तराखंड राज्य में संक्रमित मरीजों की रिकवरी दर 82 प्रतिशत है जो देश में सार्वाधिक है। स्वास्थ्य विभाग, ऊर्जा निगम, जल निगम में भर्तीयां की जा रही है। किसानों को कृषि कार्यो के लिए 3 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। जल, जंगल एवं जमीन को संरक्षित करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे है। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के सवालों के उत्तर भी दिए। बताया कि उनकी सरकार पादर्शिता के साथ निरन्तर विकास कार्यो को आगे बढाने के संकल्पबद्ध है