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थराली चमोली,पुल नही तो ट्रॉली ही दे दो सरकार
July 21, 2020 • Aankhen crime par • उत्तराखण्ड

रिपोर्ट केशर सिंह नेगी
उत्तराखण्ड में बारी बारी कांग्रेस और बीजेपी दोनों दलों ने राज किया है उत्तराखंड के पहाड़ो में अक्सर बड़े बड़े राजनेता आकर लुभावने वादे और विकास की बयार बहाने की बात कह कर चले जाते हैं भोली भाली जनता अपना कीमती वोट इस आस पर इन राजनेताओं को देती है कि शायद ये इन पहाड़ो के मसीहा बने,शायद ये इन पहाड़ो का विकास करे,लेकिन सवाल आज भी यही है कि क्या वाकई इन पहाड़ो का विकास हुआ ,कोई कुछ भी कहे लेकिन  उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली विकासखण्ड के सोल घाटी में ढाडरबगड़ का ये नजारा तो यही हकीकत बयां करता है कि इन 18 सालों में केवल इस राज्य का बंटाधार ही हुआ विकास से तो थराली कम से कम अभी भी कोसो दूर है ,दरसल 2013 की आपदा में थराली के सोल क्षेत्र में कई गांवों का एक मात्र संपर्क पुल ढाडरबगड का पुल भी बह गया था, तब से अब तक सात साल बीत गए लेकिन पुल की आस लिए रणकोट, गुमड ,घुंघुटी सहित कई गांव के ग्रामीणो की एक अदद पुल की दरकार अभी भी पूरी न हो सकी , हर बरसात में यहां के लोग जान हथेली पर रखकर आवाजाही करते हैं बरसात आती है पुल को बहा ले जाती है फिर बरसात खत्म तो ग्रामीणों ले श्रमदान से लकड़ी के पुल का भी निर्माण शुरू बस कुछ ऐसी ही गति से हो रहा है सोल का विकास ,सूबे में डबल इंजन की सरकार है और  सरकार बनाने में सोल के 16 गांवो की भी बराबर की ही भागीदारी है ,इसी भागीदारी को देखते हुए लोकसभा चुनाव हो चाहे विधानसभा चुनाव हर चुनाव में ढाडरबगड़ से करीब आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाले पुल को बनाने का दावा करते हुए राजनीतिक दल यहां के ग्रामीणों से इनका वोट तो ले लेते हैं लेकिन अगले पांच साल महज कोरें आश्वासन के औऱ कुछ भी नहीं होता 2014 लोकसभा चुनाव,2017 विधानसभा चुनाव,2018 उप चुनाव सहित 2019 के लोकसभा चुनावों के चुनावी शिगूफे से अब ग्रामीण खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि पुल देरी से ही सही लेकिन बरसात में ग्रामीणों की आवजहि सुलभ और सुगमता से हो सके इसके लिए कम से कम एक ट्रॉली की व्यवस्था ही हो जाये 


ग्रामीणों की माने तो पुल की मांग को लेकर वे क्षेत्रीय विधायक से लेकर मुख्यमंत्री तक से गुहार लगा चुके हैं लेकिन कागजो की कार्यवाही अब तक भी धरातल पर नहीं उतर सकी जिसके चलते उफनती नदी पर ग्रामीण जान हथेली पर रख आवागमन को मजबूर हैं वहीं ग्रामीणों की इस समस्या का ठीकरा कांग्रेस बीजेपी पर फोड़ते हुए उत्तराखंड की पहाड़ी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष विक्रम मेहर ने दोनो ही दलों पर थराली विधानसभा की उपेक्षा का आरोप लगाया साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों ही दलों को जनता ने बारी बारी से सत्ता की चाभी तो सौंपी लेकिन दोनों ही दल महज आश्वासन के विकास के नाम पर कुछ भी कर न पाए जिसका उदाहरण है सोल क्षेत्र के ढाडरबगड़ में जान हथेली पर रखकर आवागमन करते ग्रामीण जिन्हें पुल तो दूर बरसात में सरकार एक ट्रॉली की तक व्यवस्था न कर सकी पहाड़ी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष विक्रम मेहर ने कहा कि ग्रामीणों को जल्द पुल की सौगात नही दी गई तो वे जनहित के लिए कार्यकर्ताओं संग धरने पर भी बैठेंगे