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तवा ने निगल चुका किसानों की पाहनवररी मे सैकड़ों एकड़ जमीन  किसान हुए बर्बाद
August 31, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश

तवा ने निगल चुका किसानों की पाहनवररी मे सैकड़ों एकड़ जमीन  किसान हुए बर्बाद
इटारसी - पाहनवररी में भारी बारिश से तबाह हुए कृषक तवा के 13 गेट 35 फीट खोले जाने एवं भारी बारिश की वजह से तवा पूर्ण उफान पर आया और पूरे गांव को घेर लिया लोग अपनी जान बचाने के लिए ऊंचे टीलों पर एवं जो ऊंचाई पर मकान बने थे उन जगहों पर अपना सहारा लिया। बारिश थम गई तवा का जलस्तर कम हो गया लेकिन जो तबाही का नजारा है उसमें किसान बहुत बुरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं क्योंकि किसानों की खड़ी फसल तबाह खेत रेत में तब्दील हो चुके है किसानों ने पूर्व की बारिश 2013 में शासन प्रशासन से गुहार लगाई थी और सभी दस्तावेज शासन प्रशासन को दिए थे,कि तवा बाढ़ का पानी गांव में खेतों में ना आए उसके पुख्ता इंतजाम पिचिन बनना चाहिए थी लेकिन शासन ने नहीं सुनी 2013 में 10 किसानों की जमीन बह गई जो गांव छोड़कर अन्यत्र पलायन कर चुके हैं अभी 2020 में ऐसी तबाही हुई कि हम बहुत से कृषकों की 200 -300 एकड़ जमीन तवा में चली गई है एवं हमारे कुए जो लगभग 20 25 होंगे जमींदोज हो गए हैं।एवं एवं दवा किनारे मकान तवा में समाहित हो गए, यहां पर एक विशालकाय पेड़ पीपल का जो भगवान शंकर का शिवलिंग उखड़ कर तवा में 100 फीट दूर चला गया ऐसे बहुत से किसानों के पेड़ जिनमें कटहल नीम आम जामुन सैकड़ों पेड़ तवा में अपने आगोश में समा लिया ग्रामीण अपना दुखड़ा प्रशासन को प्रेषित कर रहे हैं एवं उचित मुआवजा मिलना चाहिए किसानों का मानना है कि शासन द्वारा अगर किसी गवर्नमेंट रेल प्रशासन द्वारा कोई जमीन ली जाती है तो उसे बड़े स्तर पर मुआवजा मिलता है फोर लाइन निकलती है तो बहुत बड़े स्तर पर मुआवजा मिलता है हमें भी इस प्राकृतिक आपदा में ऐसा ही मुआवजा मिलना चाहिए क्योंकि हमारे पास जो हमारी पैतृक जमीन थी वह तवा ने ले लिया अब क्या करें अभी शासन के द्वारा त्वरित 50 किलो अनाज प्रत्येक परिवार को दिया जा रहा है लेकिन जो क्षति हुई है उसका आकलन कर मुआवजा दिया जाना चाहिए क्योंकि हम कृषकों के पशु चारा घर में रखे गेहूं अनाज भूसा पूर्ण रूप से बर्बाद हो चुके हैं हमारे मवेशी बह गए यहां के सरपंच मोहनलाल कुशवाह एवं गांव के लोग बड़ी सतर्कता से और लोगों मदद कर रहे हैं  यहां पर   किसानों की जमीन चली गई है जिनके पास बहुत कम जमीन थी वह लोग अभी बीमार पड़ गए हैं मानसिक तनाव और चिंता में होते हुए घर पर पड़े हुए शासन को इस ओर देखना चाहिए गांव के  मोहन लाल यादव, धनराज यादव, राजेंद्र यादव, लक्ष्मी नारायण यादव डा मेघराज यादव मोहनलाल कुशवाह सरपंच  एवं सभी ग्राम वासियों का मानना है कि यहां पर पिचिंन बनना चाहिए  एवं उचित मुआवजा मिलना चाहिए यही हमारी मांग है। शासन को तत्काल गंभीरता से किसानों की जमीन तवा में गई है उसका उचित मुआवजा किसानों को मिलना चाहिए। ग्राम पंचायत सचिव तुकाराम चौरे रोजगार सहायक दिलीप यादव बाढ़ पीड़ितों की सूची में जुटे हुए हैं।
मनमोहन यादव एसीपी न्यूज़