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शिक्षक दिवस पर अतिथि शिक्षकों ने नियमितीकरण को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन।
September 6, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश

शिक्षक दिवस पर अतिथि शिक्षकों ने नियमितीकरण को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन।

बैतूल। कैलाश पाटिल

अतिथि शिक्षकों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर बैतूल के शहीद भवन में लगभग 200 से 250 अतिथि शिक्षक पहुंचे एवं रैली के माध्यम से जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर नियमितीकरण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा। अतिथि शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष केसी पवार ने बताया कि अतिथि शिक्षक पिछले 13 वर्षों से अल्प वेतन पर शासकीय शालाओं  में अध्यापन कार्य करते आ रहे हैं। वेतन के नाम पर मात्र 5 हजार, 7 हजार और 9 हजार दिया जाता है। उसमें से भी छुट्टियों का वेतन नहीं मिलता है। प्रतिवर्ष आवेदन भी कराए जाते है बावजूद अतिथि शिक्षक का पद स्थायी नहीं हुआ है। इन 13 वर्षों में अतिथि शिक्षको द्वारा सैकड़ों ज्ञापन, धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल, जल सत्याग्रह आंदोलन और पैदल तिरंगा यात्रा निकालकर नियमितीकरण की मांग की गई परंतु सरकार द्वारा आज तक अतिथि शिक्षको का नियमितीकरण नहीं हो पाया। ध्यान देने योग्य बात यह है कि इन 13 वर्षों में माननीय मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने कई मंचो से अतिथि शिक्षकों को नियमित करने की घोषणा की और साथ ही कई बार अतिथि शिक्षको के नियमितीकरण को लेकर समिति भी बनाई गई परंतु आज तक अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण नहीं हो पाया। अतिथि शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ने कहा कि अब अतिथि शिक्षको को शोषण बर्दाश्त नहीं होगा। यदि मध्यप्रदेश में होने वाले 27 विधानसभा में उपचुनाव के पहले अतिथि शिक्षकों को नियमित नहीं किया जाता है तो प्रदेश के समस्त अतिथि शिक्षक उपचुनाव में सरकार का विरोध करेंगे। जिसकी समस्त जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी। इस अवसर पर चिंतामन हारोड़े, अब्रान शाह, दयानंद साहू, कैलाश पाटिल, अनिल चौकीकर, स्वयं प्रकाश सूर्यवंशी, अजाबराव पाटिल, दुर्गेश मनोटे, प्रमोद जागरे, माधोसिया भन्नारे, खेमराज, झरबड़े, आनंद भोण्डे, राजेश ठाकरे, संतोष बारसे, राजेश बर्डे, शशांक मंडल, विमलदास चंदेलकर, राजेश चौकीकर, अकलेश सोनपुरे, नारायण हुरमाडे, शंकर मंडल राजेंद्र मालवीय, आशीष कोकाने सहित लगभग तीन सैकडा अतिथि शिक्षक उपस्थित थे।