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शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में एंटी रैगिंग समिति की बैठक
October 13, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश

होशंगाबाद - आज दिनांक 13 2020 को शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में एंटी रैगिंग समिति की बैठक का आयोजन की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें यूजीसी एवं विष्वविद्यालय के निर्देषानुसार अधिवक्ता सुश्री विजया कदम, समाज सेवी बैजू जोसेफ, पत्रकार  मुकेष भदौरिया एवं पुलिस विभाग से श्रीमती जयश्री रैकवार, एवं महाविद्यालय के एन्टी रैगिंग के सदस्य उपस्थित रहे। इस बैठक में सुश्री विजया कदम ने अपने बिचार व्यक्त करते हुए कहा कि पहले रैगिंग का मतलब परिचय प्राप्त करना था परंतु अब रैगिंग का स्वरूप बदल चुका है। प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन ने कहा कि समिति द्वारा लिए गये निर्णय को जिले भर के महाविद्यालयों में लागू करने का प्रयास किया जायेगा, गृहविज्ञान महाविद्यालय में रैगिंग पूर्णतः प्रतिबंधित है। अखबारों में हमें रैगिंग के भयावह परिणाम देखने को मिलते है। इस रैगिंग संबंधी निषेध बैठक विष्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देषानुसार की गई है। इसका मुख्य उद्देष्य विद्यार्थियों का उत्पीड़न, उत्पात, अनुषासनहीनता, दुर्व्यवहार, कष्ट, परेषानी, कठिनाई अथवा मनौवैज्ञानिक हानि एवं भय की भावना से मुक्त करना है। पुलिस विभाग की श्रीमती जयश्री रैकवार ने बताया कि सभी महाविद्यालय में रैगिंग सम्बन्धित एक्ट का बोर्ड प्रचार प्रसार हेतु आवष्यक है और जगह जगह सीसीटीवी केमरे भी लगाया जाना चाहिए। पत्रकार मुकेष भदौरिया ने बताया कि यूरोपीय देषों में खेल एवं परिचय की परंपरा थी जो अग रैगिंग के रूप में भयावह हो चुकी है उन्होने प्रत्येक कालेज में एन्टी रैगिंग का फ्लेक्स लगाने का सुझाव दिया है। समिति संयोजक डॉ. ज्योति जुनगरे ने बताया कि यूजीसी एवं विष्वविद्यालय के मार्गदर्षन एवं निर्देषानुसार रैगिंग विरोधी नियमों को सख्ती से लागू किया जायेगा। इस महाविद्यालय में छात्राओं को आत्म रक्षा हेतु प्रतिवर्ष जूडो एवं कराते का प्रषिक्षण दिया जाता है। सदस्यों द्वारा बैठक में यह भी बिचार विमर्ष किया गया कि रैगिंग मुक्त केम्पस हेतु समय समय पर रैगिंग रोधी कार्यषालाएॅ एवं संगोष्ठियॉ, अन्य रचनात्मक उपाय किए जायेंगे। प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन द्वारा गठित समिति में डॉ. अमिता जोषी, डॉ. भारती दुुबे, डॉ. हर्षा चचाने, डॉ. श्रुति गोखले, डॉ. श्रीकान्त दुबे, कैलाष डोंगरे, डॉ. विनीत अग्रवाल, डॉ. वैषाली लाल, डॉ. आर.बी.शाह, डॉ. आषीष सिंग, डॉ. संगीता पारे, डॉ. कीर्ति दीक्षित, अजय यादव, किरण विश्वकर्मा उपस्थित रहे।                            प्रदीप गुप्ता की रिपोर्ट