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सहायक अधीक्षक त्रिपाठी की कार्यशैली की जांच होगी
July 13, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश

होशंगाबाद- - एडीएम, त्रिपाठी पर सपाक्स की राजनीति और वकील अनुमोदन संबंधी अन्य आरोप लगे हैं, कलेक्ट्रेट में पदस्थ सहायक अधीक्षक पर लगे आरोपों की जांच के लिए एडीएम जी पी माली ने जांच कराने की बात कही है। नर्मदा पुरम मीडिया क्लब से चर्चा करते हुए श्रीमाली ने कहा कि त्रिपाठी को लेकर जो शिकायतें की गई है अथवा सूचनाएं प्राप्त हुई है उनको एकत्र कर जांच कार्यवाही की जाएगी। आप लोगों के पास त्रिपाठी से जुड़ी और भी कोई जानकारी हो तो देना, प्राप्त जानकारी के अनुसार
सहायक अधीक्षक के एन त्रिपाठी पर आरोप लगे हैं कि वह सपाक्स संगठन के जिला पदाधिकारी हैं तथा कलेक्ट्रेट कार्यालय में राजनीतिक माहौल बनाने में लगे हैं। इसके अलावा विगत दिनों नागरिकों ने त्रिपाठी को लेकर मकान संबंधित शिकायत कमिश्नर से की थी नागरिकों का कहना था कि त्रिपाठी के पास स्वयं के मकान होने के बावजूद भी वह कई वर्षों से सरकारी मकान में रह रहे हैं और उनके बनाए मकान शहर में किराए से चल रहे हैं यह किराए का बिजनेस कर रहे हैं लेकिन यह जानकारी इन्होंने विभाग से छुपाए रखी। त्रिपाठी पर एक आरोप यह भी लगा है कि कमलनाथ सरकार में सरकारी वकीलों की नियुक्ति के लिए जिन वकीलों के नाम मुख्यमंत्री कार्यालय से कलेक्टर के पास अनुमोदन के लिए आए थे उन नामों पर कलेक्टर को अपनी राय व्यक्त करना था लेकिन यह फाइल कलेक्टर तक पहुंचने से पहले ही त्रिपाठी द्वारा दबा दी गयी । इस मामले को लेकर कुछ वकीलों ने मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक शिकायत की है शिवराज सिंह सरकार ने भी इस मामले की जांच के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा है लेकिन अभी तक वकील अनुमोदन संबंधी जांच को लेकर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई। त्रिपाठी पर आरोप है कि उनके द्वारा सपाक्स संगठन के पदाधिकारियों की नियुक्ति कलेक्ट्रेट कार्यालय में की जा रही है। गत दिवस कलेक्ट्रेट भवन गेट के सामने खड़े होकर सपाक्स संगठन में कर्मचारियों की नियुक्ति संबंधी कार्यक्रम में सोशल गैदरिंग का माहौल बनाया था जबकि कलेक्ट्रेट परिसर के गेट के बाहर ही इस तरह की गतिविधियां संचालित करने की अनुमति है लेकिन त्रिपाठी ने लॉ एंड ऑर्डर का भी ध्यान न रखा और अपनी प्रतिष्ठा से कलेक्टर भवन में ही कार्यक्रम कर डाला। सभी शिकायतों को लेकर श्रीमाली ने पत्रकारों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह कलेक्टर कार्यालय का मामला है इसमें कलेक्टर साहब ही कुछ कार्रवाई करें तो उचित होगा। अपर कलेक्टर श्री माली ने पत्रकारों के सामने ही तत्काल फोन पर इस बात की जानकारी चाही की क्या सपाक्स संगठन राजनीतिक संगठन है यदि राजनीतिक  है और सरकारी कर्मचारी इसमें पदाधिकारी है तो यह गंभीर बात है।                                    प्रदीप गुप्ता की रिपोर्ट