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रामानुजगंज में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई गई, नगर के वार्ड क्रमांक 11 में स्थापित हुई पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा….
September 25, 2020 • Aankhen crime par • छतीसगढ़,उड़ीसा

रामानुजगंज में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई गई, नगर के वार्ड क्रमांक 11 में स्थापित हुई पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा….

नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल के नेतृत्व में नगर के वार्ड क्रमांक 11 में स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सुपरमार्केट में स्थापित पंडित दीनदयाल उपाध्याय के प्रतिमा पर उनके जयंती के अवसर पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर उनके बताए पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लिया गया। इस दौरान भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष आरके पटेल वरिष्ठ भाजपा नेता सुभाष केसरी सहित भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस अवसर पर नगर पंचायत रमन अग्रवाल ने कहा कि एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय देश के उन महान विद्वान एवं विचारकों में से एक है जिन्होंने निस्वार्थ भाव से देश के मजबूत बनाने के लिए कार्य किया। उनका जन्म 25 सितंबर 1916 को उत्तर प्रदेश की पवित्र बज्रभूमि में मथुरा में नगला चंद्रभान नामक गांव में हुआ। वह बचपन से ही बहुत मेधावी रहे। भारतीय जनसंघ की स्थापना डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा वर्ष 1951 में किया गया था एवं दीनदयाल उपाध्याय को प्रथम महासचिव नियुक्त किया गया वह लगातार दिसंबर 1967 तक जन संघ के महासचिव बने रहे उनकी कार्यक्षमता खुफिया गतिविधियों और परिपूर्णता के गुर से प्रभावित होकर डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी उनके लिए गर्व से सम्मान पूर्वक कहते थे कि यदि मेरे पास दो दीनदयाल हो तो मैं भारत का राजनीतिक चेहरा बदल सकता हूं। परंतु अचानक वर्ष 1953 में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के असमय निधन से पूरे संगठन की जिम्मेदारी दीनदयाल उपाध्याय के युवा कंधों पर आ गई इस प्रकार उन्होंने लगभग 15 वर्षों तक महासचिव के रूप में जनसंघ की सेवा की भारतीय जन संघ के वार्षिक अधिवेशन में पंडित दीनदयाल उपाध्याय को दिसंबर 1967 में कालीकट में जन संघ का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया।

रामानुजगंज से सौरव कुमार चौबे की रिपोर्ट