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निजी चिकित्सालय में 20 प्रतिशत बेड कोविड 19 मरीजों के लिए आरक्षित होंगे
September 27, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश

निजी चिकित्सालय में 20 प्रतिशत बेड कोविड 19 मरीजों के लिए आरक्षित होंगे

होशंगाबाद के चार निजी अस्पतालो मे भर्ती हो सकते है कोविड-19 के मरीज,करा सकते है इलाज


होशंगाबाद/ आयुष्मान भारत योजना के तहत अब कोविड-19 के मरीजों का चिन्हित चिकित्सालयों  में स्वास्थ्य सुविधाएं/ उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। उपरोक्त आदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी किए गए हैं। बताया जा रहा है कि जारी आदेशानुसार कोविड-19 से लगातार संक्रमित हो रहे व्यक्तियों की संख्या के दृष्टिगत रखते हुए चिन्हित अस्पतालों में अनिवार्य रूप से कोरोना  से संक्रमित मरीजों के लिए 20% आइसोलेशन बेड अनिवार्य रूप से आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।  डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर स्वास्थ्य विभाग श्री दीपक डेहरिया ने बताया कि इस हेतु होशंगाबाद जिले में आयुष्मान भारत योजनान्तर्गत चिन्हित  चार चिकित्सालय नर्मदा अपना अस्पताल होशंगाबाद, न्यू पांडे हॉस्पिटल होशंगाबाद, कमलाबाई प्रेम नारायण मालवी अस्पताल होशंगाबाद एवं दयाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल इटारसी को चिन्हित किया गया है।चिन्हित अस्पतालों में आरक्षित 20% बेड पर सामान्य रूप से कोविड-19 के मरीजों को सेवाएं प्रदान करेंगे तथा आवश्यक सेवाएं जैसे डायलिसिस, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, कीमोथेरेपी, संस्थागत प्रसव तथा अन्य आवश्यक सेवा जिसकी विभाग को समय-समय पर आवश्यकता होती है तो चिकित्सकीय  संस्थान को कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति एवं संभावित व्यक्ति को उनके परिसर में इलाज करने की इजाजत दी जाएगी। जिसके लिए वे भारत शासन एवं मंत्रालय, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ,आईसीएमआर, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के दिए गए निर्देशों का पालन करेंगे साथ ही क्लीनिकल संक्रमण से बचाव हेतु नियमों का पालन , प्रवेश तथा निर्गम के लिए कोविड से  संक्रमित मरीजों एवं समान  मरीजों के अलग-अलग व्यवस्था करेंगे। यदि किसी अस्पताल तथा स्वास्थ्य प्रदाय  संस्था द्वारा तथा चिकित्सक, नर्स ,सपोर्ट स्टाफ द्वारा कोविड-19 मरीजों के उपचार एवं व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा एवं लापरवाही बरती जाती है तो संबंधित अस्पताल के विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन सेक्शन -2, महामारी अधिनियम, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, नर्सिंग होम एक्ट  एवं मध्यप्रदेश अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।