ALL मध्यप्रदेश उत्तराखंड उत्तरप्रदेश गुजरात,राजस्थान छतीसगढ़,उड़ीसा दिल्ली हरियाणा,पंजाब महाराष्ट्र पंजाब,जम्मू कशमीर बिहार,झारखंड
नौकरी लगवाने के नाम पर  ठगी करने वाले आरोपी की ज़मानत निरस्त कर, भेजा गया जेल
October 8, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश

होशंगाबाद- नौकरी लगवाने के नाम पर  ठगी करने वाले आरोपी की ज़मानत निरस्त कर, भेजा गया जेल,
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, पिपरिया सोहन लाल चौरे ने बताया कि प्रार्थी सुनील कुमार ककोडिया पिता फूलसिंह उम्र 24 वर्ष पता नालंदा टोला पचमढ़ी जिला होशंगाबाद का निवासी है। उसके पिता एक शादी की बात करने के लिये छिंदवाड़ा में आरोपी रमेश इवनाती से मिले थे, और उसने वहाँ पर परिचय दिया कि वह एसआई है और बर्तमान में पीएचक्यू भोपाल में पदस्थ है। और फिर प्रार्थी के  पिता ने उसके बारे में बताया कि मेरे बेटे का भी एक दो महीने में कॉलेज का अंत हो जाएगा फिर में उसे भोपाल भेजूंगा , तब रमेश इवनाती ने कहा कि वहाँ मेरी जिम्मेदारी है, मेरा रुम हैं ओर मेरे साथ रहेगा तो तैयारी अच्छी हो जायेगी। और फिर दो महीने बाद कॉलेज खत्म हो गया। प्रार्थी, आरोपी रमेश इवनाती के पास रहने के लिये भोपाल चला गया उसी दौरान पुलिस की नौकरी की वैकेंसी निकलने बाली थी, प्राथी के पिता और आरोपी रमेश इवनाती की बात हुई कि वह पुलिस की नौकरी लगवा देंगा तीन लाख रुपये की बात हुई थी, प्रार्थी के पिता ने आरोपी को जितने पैसे की बात,हुई थी वह तो दे चुका था और लोन लेकर भी पैसे देते गया। जब प्रार्थी परीक्षा में उत्तीर्ण नही हुआ तो उसके पिता ने आरोपी सुनील से  बात की  तो उसने बोला की पास तो हो गया वायबा ओर मेडिकल में पैसे लगना बाकी हैं। जब प्रार्थी को पता चला की वायबा तो होता ही नही है तब प्रार्थी को आरोपी पर शक होने लगा, और आरोपी ने बात करना बंद कर दिया। एक दो महीने बात की और पैसे लौटाने की कहने लगा लेकिन टालता रहा औऱ पैसे नही दिए। और फिर बाद में प्रार्थी को पता चला कि वह एसआई नही हैं। प्रार्थी ने आरोपी रमेश इवनाती के विरूद्ध पुलिस मुख्यालय भोपाल में 6 लाख रुपये की ठगी की लिखित शिकायत की जिसकी जांच पिपरिया एसडीओपी द्वारा की गई। आरोपी रमेश कुमार इवनाती के विरुद्ध धारा 420 भादवि का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।आरोपी रमेश को आज दिनाँक 06.10.2020 को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ पर आरोपी की ओर से जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया। 
अभियोजन की ओर से  सोहनलाल चौरे , सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, पिपरिया के द्वारा ज़मानत आवेदन का विरोध किया गया, अभियोजन द्वारा  प्रस्तुत तर्कों से सहमत होकर माननीय न्यायालय जेएमएफसी पिपरिया यश कुमार सिंह द्वारा आरोपी की ज़मानत को निरस्त कर जेल भेजा गया।
प्रदीप गुप्ता की रिपोर्ट