ALL मध्यप्रदेश उत्तराखण्ड उत्तरप्रदेश राजस्थान छतीसगढ़ दिल्ली हरियाणा महाराष्ट्र तेलंगाना बिहार
नर्मदा आव्हान सेवा समिति होशंगाबाद व्दारा आनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया
September 6, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश

होशंगाबाद।नर्मदा आव्हान सेवा समिति होशंगाबाद व्दारा आनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।जिसमें देश के विभिन्न अंचलों से आंमत्रित कवियों ने ओज, हास्य, व्यंग्य की कविता प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। भोपाल की सुनीता पटैल की सुमधुर कोकिलकंठी स्वर के साथ सरस्वती वंदना से कवि सम्मेलन शुभारंभ हुआ। सांयकाल ५बजे से प्रारंभ  होकर देर शाम तक चलता रहा।
      कवि सम्मेलन मे हरदा  से गजलकार कवि जयकृष्ण चाडंक ने कहा की"किसने मांगा जवाब क्यूं देना,ज़िन्दगी का हिसाब क्यूं देना"।कानपुर से प्रतिमा दीक्षित ने "बना के माला पिरोया जिसको उसी लड़ी के आधार तुम हो मन के कोमल हृदय में रहते तबस्सुम में लेकिन अब भी तुम हो"।
    कवि सम्मेलन को उँचाई प्रदान करते हुए भोपाल के युवा कवि अतुल सक्सेना ने "लुट गया लाल किले का गौरव संसद आंसू डालती उठो युवाओं शक्ति दे दो मांग रही माँ भारती"।कविसम्मेलन का कुशल संचालन करते हुए सुनीता पटैल भोपाल ने"कभी बेटी कभी बहू, कभी पत्नी तो कभी माता है जिसके प्रेम और त्याग की महिमा हर कोई गाता है कतरा है,दरिया है, समंदर है कभी वो,नारी शक्ति के आगे नतमस्तक स्वंय भाग्य विधाता है"।
        होशंगाबाद से एम.के तिवारी ने "जीतता मैं गया,माँ तेरा प्यार था,मैं न हारा कभी ये तेरा सार था"। खंडवा की आयूषी मालपानी ने कहा की "सवाल बस इतना है मेरा" होशंगाबाद की सुनीता परसाई ने "खत्म हुआ गणेश विसर्जन फिर भी भारी थी भीड़ घाटों पर"।आदि ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर खूब वाहवाही लूटी‌।इस अवसर पर  नलिनी तिवारी, हेमा बुखारिया, छाया गुप्ता, आशा पांडे, आरती शर्मा, सोनी सिंह, अनामिका जैन,अंजू चौबे, प्रमीला मेहरा, विजय गिरी,प्रमोद रघुवंशी   
 सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
    अंत मे आभार प्रर्दशन समिति के प्रमुख किशोर केप्टन करैया ने किया।