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नर्मदा आव्हान सेवा समिति द्वारा कोरोना लाकडाउन मे सार्वजनिक कार्यक्रम नही होने के कारण
July 12, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश

होशंगाबाद- साहित्यकारो,कवियों को एक मंच पर लाकर उनकी प्रस्तुति  के लिए आनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन प्रारंभ किया जो प्रत्येक रविवार को किया जा रहा, कवि सम्मेलन में मुख्य अतिथि विनोद नयन जबलपुर,अध्यक्षता अर्जुन सिंह चांद एंव विशिष्ट अतिथि के रुप मे नमृता श्रीवास्तव की उपस्थिति मे कवि सम्मेलन सम्पन्न हुआ।कवि सम्मेलन दोपहर 3 बजे से निरंतर देर शाम तक चलता रहा। इस अवसर पर आमंत्रित  कवियों, कवियत्रियों ने ओज, व्यग्ंय, पेरोडी, हास्य एवं करूणा रस की एक से बढ़कर एक रचना प्रस्तुत कर खूब वाहवाहीलूटी। श्रोताओं को भाव विभोर करते हुए कवियों ने ताली बजवाने में मजबूर कर दिया। मौनिका पांडे ललितपुर की सुमधुर कोकिलकंठी स्वर के साथ सरस्वती वंदना से कवि सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। कवि सम्मेलन मे ग्वालियर के अमित चितवन ने कहा कि "कब आयेंगे इक दूजे से मिलने वाले दिन,सजने वाली महफ़िल के वो हंसने वाले दिन। जल्दी से वो दिन आयें जो मन को भाते थे मिल जुलके ग़ज़लें गाते गीत सुनाते थे, हास्य-व्यंग्य की मस्ती वो करने वाले दिन"।भोपाल के यश धुरंधर ने कहा कि"गद्दारो ने जाल बिछाये हमको देश बचानाहै,पृथ्वीराज की भूलों का इतिहास नहीं दोहराना है"।होशंगाबाद की निशा डाले ने कहा कि '"जिंदगी और नदी जिंदगी और नदी कितनी अलग पर इनमे है, कितनी समता दोनों का जीवन एक जैसा,उसका कटता,इसका बहता"।जबलपुर कि शशि लढिय़ां ने कहा कि "आजादी,जिसके गर्भ में था,लोकतंत्र का शिशु"। कवि सम्मेलन को उंचाई प्रदान करते मनासा के आशुकवि भेरु सुनार ने कहा कि "तरक्की के नामपे सारे पेड़ काट दिये हमने ' अब किस्से सुनाये जायेगें सिर्फ बरगदी छाँव के"।कोरबा कि गायत्री शर्मा ने कहा कि "प्यार करते हो पर कयूँ बतलाते नही मुहब्बत है पर क्यू.जताते नही"।
संचालन करते हुए कोरबा कि अंजना सिंह ने कहा की " हवाओ  के झोंको में खुश्बू जब तुम्हारी आती है। गुनगुनाने को जी चाहता है।  
पलके खुली हो या बंद तस्वीर  तुम्हारी नजर आती है।इटारसी के विनय चौरे ने कहा कि"उसके भीतर ही सृष्टि समाती है,वो भीतर भी है और बाहर भी है"।हरदा रतन सिंह सौलंकी ने "कहा कि धीरज साहस की वो मूरत,साथी अपनो का"।इसके अलावा राकेश प्रखर भोपाल,इंदू सिंह नरसिंहपुर, ज्योति वर्मा हरदा ने अपनी प्रस्तुति दी। सम्मेलन के अंत मे मुख्य अतिथि विनोद नयन जबलपुर ने आयोजन की बधाई देते हुए कहा कि श्री करैया सक्रिय रुप से साहित्यिक सेवा मे सलग्न है। उनके व्दारा साहित्यिक क्षेत्र मे निरंतर गतिविधिया संचालित होती रहती है,वह बधाई के पात्र है।विशिष्ट अतिथि नमृता श्रीवास्तव भोपाल ने नर्मदा आव्हान समिति की साहित्यिक क्षेत्र मे उल्लेखनीय कार्य के लिए बधाई ओर शुभकामनाएं देते हुए कहा की अल्प समय मे समिति ने देश मे पहचान बनाकर साहित्यिक क्षेत्र मे अमिट छाप छोडी है। श्री करैया व्दारा समय समय पर साहित्यकार सम्मेलन, कवि समागम,एंव नवोदितो के कार्यक्रम करते रहते है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे झांसी के अर्जुन सिंह चांद ने अपने उदवोधन मे कहा कि करैया जी कई वर्षों से होशंगाबाद  क्षेत्र में साहित्य के प्रसार में संलग्न है।।और नर्मदा का ये परिक्षेत्र जितना खाद्य के उत्पादन में समृद्ध है उतना ही शब्द सम्पदा के उत्पादन में भी इसके लिए करैया जी और उनकी पूरी साहित्यकार सेना साधुवाद की पात्र है। इस अवसर पर सहित सैकड़ों श्रोतागण पटल पर देर शाम तक डटे रहे।अंत में आभार प्रदर्शन समिति के प्रमुख केप्टीन किशोर करैया ने किया। 
प्रदीप गुप्ता की रिपोर्ट