ALL मध्यप्रदेश उत्तराखंड उत्तरप्रदेश गुजरात,राजस्थान छतीसगढ़,उड़ीसा दिल्ली हरियाणा,पंजाब महाराष्ट्र पंजाब,जम्मू कशमीर बिहार,झारखंड
नर्मदा आव्हान सेवा समिती व्दारा आनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
September 27, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश

होशंगाबाद- नर्मदा आव्हान सेवा समिती व्दारा आनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।जिसमें देश के विभिन्न अंचलों से आंमत्रित कवियों ने ओज, हास्य, व्यंग्य की कविता प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। होशंगाबाद की रक्षा पुरोहित की सुमधुर कोकिलकंठी स्वर के साथ सरस्वती वंदना से कवि सम्मेलन शुभारंभ हुआ। सांयकाल 5 बजे से प्रारंभ  होकर देर शाम तक चलता रहा। कवि सम्मेलन मे सिवनी की कवियत्री सरिता सिंघई ने "ऐ री सखि मैं प्रेम दिवानी,पिया मोरो जब घर आयेगें। राह बिछाऊँ पलक पावड़े,चिलमन जब वो सरकायेगें।अंग अंग में रंग मैं भर के मैं,मस्त कलंदर हो जाऊँगी। बैतूल के रमन सिंह कीर ने कहा की"रमन सिंह कीर बैतूल ने "जिसका मन जितना निर्मल हो वो उतना ही निर्मल होगा"। कवि सम्मेलन को उँचाई प्रदान करते हुए दिल्ली से युवा कवियत्री मनीषा सक्सेना ने कहा की"वो मुझमे डूबकर अपना ठिकाना भूल जाता है,मुझे जब देखता है तो जमाना भूल जाता हैं"।कवि सम्मेलन का कुशल संचालन करते हुए रक्षा पुरोहित होशंगाबाद ने "दिखावे का ज़माना है दिखावे में हर्ज़ क्या है।बाबई  के महेश सोनी ने कहा  की"अंगना बदरा बरस रहा है, मन सजना को तरस रहा है"।  बरेली के रविंद्र उपाध्याय ने"मैं एक.प्रायवेट शिक्षक हूँ।पहले मैं लेता था बच्चों का इम्तहान  आज जिन्दगी ले रही है मेरा इम्तहान।जबलपुर से आशा पांडे सहित अन्य कवियों से प्रस्तुति दी। इस अवसर पर ग्रुप के पटल पर अनेक लोग उपस्थित रहे।
 प्रदीप गुप्ता की रिपोर्ट