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म.प्र.विद्युत निजीकरण विरोधी संयुक्त मोर्चा ( म.प्र . विद्युत अधिकारी / कर्मचारी संगठनों का महागठबंधन ),
October 5, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश

होशंगाबाद- म.प्र.विद्युत निजीकरण विरोधी संयुक्त मोर्चा ( म.प्र . विद्युत अधिकारी / कर्मचारी संगठनों का महागठबंधन ), आज दिनांक : 05.10.2020 को बिजली कंपनियों के निजीकरण के विरोध में मान. अपर कलेक्टर को दिया गया ज्ञापन,
मध्य प्रदेश की सभी विद्युत संगठनों द्वारा दिनांक 01.10.2020 को बैठक कर केंद्र सरकार द्वारा सभी प्रदेशों की बिजली वितरण कंपनियों का निजीकरण करने हेतु स्टैंडर्ड बिड डॉक्यूमेंट जारी कर सभी बिजली वितरण कंपनियों के निजीकरण करने की योजना का विरोध करने हेतु मध्यप्रदेश विद्युत निजीकरण विरोधी संयुक्त मोर्चा का गठन किया गया है केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश की बिजली वितरण कंपनियों के निजीकरण एवं उत्तरप्रदेश में निजीकरण के विरोध में शांतिपूर्ण आंदोलन पर दमनकारी नीतियां अपनाने के विरोध में संयुक्त मोर्चा के तत्वधान में रायसेन जिले में सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों के द्वारा माननीय महाप्रबंधक राकेश नाईक जी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री  के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसके पश्चात रायसेन जिला मुख्यालय पर सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों की भारी संख्या बल के द्वारा गेट मीटिंग कर विरोध प्रदर्शन किया। संयुक्त मोर्चा के संज्ञान में यह भी आया है कि केंद्र सरकार एवं उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा उत्तरप्रदेश विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति मोर्चा के दिनांक 05.10.2020 कार्य बहिष्कार को निष्प्रभावी बनाने हेतु सभी प्रदेशों से अभियंताओं / कर्मचारियों को भेजने हेतु अनुरोध किया गया है । इसका भी संयुक्त मोर्चा सख्त विरोध करता है एवं शासन प्रशासन से मांग करता है कि मध्य प्रदेश से किसी भी कर्मचारी / अधिकारी को उत्तरप्रदेश न भेजा जाये । संयुक्त मोर्चा यह भी अनुरोध करता है कि विद्युत वितरण कंपनियों के निजीकरण के प्रस्ताव को तत्काल रद्द किया जाये अन्यथा की स्थिति में 05.10.2020 के उपरांत संयुक्त मोर्चा उपभोक्ता हित एवं कर्मचारी हितों में कठोर निर्णय लेने में भी पीछे नहीं हटेगा एवं कभी भी कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया जा सकता है। 
प्रदीप गुप्ता की रिपोर्ट