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जैविक खेती को अपनाए कृषक, कमिश्नर ने की कृषि, पशुपालन
August 24, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश

होशंगाबाद- एवं मत्स्य विभाग की समीक्षा, कृषि वैज्ञानिको की टीम फील्ड का लगातार भ्रमण करें, कमिश्नर  रजनीश श्रीवास्तव ने कहा कि फसलों को कीट व्याधि के प्रकोप से सुरक्षा हेतु संभाग के जिलो में बनाई गई डायग्नोस्टिक टीम व कृषि वैज्ञानिकों की टीम किसानों के खेतों का लगातार भ्रमण कर किसानों को समसामयिक उपयोगी सलाह दें ताकि किसान भाईयों की फसल को क्षति होने से बचाया जा सके। उन्होंने तीनो जिले के उप संचालक कृषि को निर्देशित किया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को कीटो के प्रकोप से बचाव हेतु समय-समय पर अनाउंसमेंट कराएं व दीवार लेखन किया जाना सुनिश्चित कराएं। उन्होंने खरीफ सीजन हेतु तीनों जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यूरिया की आपूर्ति आवश्यकतानुसार सतत रूप से बनी रहे यह सुनिश्चित करें। कमिश्नर श्री श्रीवास्तव ने सोमवार को कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की। कमिश्नर श्री श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में जहां कोरोना संक्रमण व अन्य गंभीर बीमारियों से सुरक्षा व बेहतर स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से जैविक खेती एक बेहतर विकल्प है। उन्होंने तीनो जिले के उप संचालक कृषि को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में जैविक खेती को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करें। साथ ही जैविक खेती करने वाले कृषकों को चिन्हित कर उन्हें प्रमोट करे व जैविक कृषि द्वारा उत्पादित गेहूं, धान, दाल व अन्य जैविक खाद्य सामग्रियों को स्वसहायता समूह के सदस्यों के माध्यम से पैकेजिंग व संपूर्ण रूप से तैयार कर उन्हें स्थानीय क्षेत्रो के अतिरिक्त बड़े शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर आदि में मार्केट उपलब्ध कराया जा सके। कमिश्नर श्री श्रीवास्तव ने कहा कि किसानों को हार्वेस्टर, थ्रेसर व अन्य उपयोगी कृषि उपकरणो के लिए शासन की विभिन्न रोजगार मूलक योजनाओं अंतर्गत अनुदान उपलब्ध कराए। किसानों को कृषि अभियांत्रिकी के द्वारा उन्हें कृषि यंत्रो के चलाने व उनके रिपेयरिंग के लिए प्रशिक्षित किया जाए ताकि जिलो में अन्य राज्यों से आने वाले ड्रायवर और फोरमेन पर निर्भरता कम की जा सके। कमिश्नर श्री श्रीवास्तव ने कहा कि तीनो जिले में अमानक खाद, बीज एवं कीटनाशक का विक्रय करने वाले दुकानदारो के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित कराए। उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणो में एफआईआर की कार्यवाही की गई है ऐसे प्रकरणो की सतत मॉनीटरिंग की जाए एवं संपूर्ण कार्यवाही सुनिश्चित कराएं। कमिश्नर श्री श्रीवास्तव ने मत्स्य विभाग के अधिकारियो को निर्देशित किया कि वे मत्स्य पालको को चिन्हित कर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन सतत रूप से प्रदान करे। मत्स्य पालको को आदर्श कंडीशन उपलब्ध कराए जिससे वे अधिक उत्पादन प्राप्त कर मत्स्य उत्पादन के प्रदेश व नेशनल एवरेज को प्राप्त कर सके। बैठक में जिला मत्स्य अधिकारी बैतूल द्वारा बताया गया कि बैतूल के आमला क्षेत्र के मलकोटा में मत्स्य पालक द्वारा 14 हेक्टेयर क्षेत्र के तालाब में कतला एवं बिगहेड मछली की किस्म को मुर्गी की खाद दी जा रहीे है जिसके अच्छे परिणाम प्राप्त हुए है। कमिश्नर ने उपस्थित विभागों की योजनओ एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि समन्वय के अभाव में कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहे यह सुनिश्चित कराए। साथ ही विभागीय मुद्दो को जिला कलेक्टर की समयसीमा की बैठक में उठाकर उनका समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित कराएं। बैठक में संयुक्त संचालक कृषि, संयुक्त संचालक मत्स्य, संयुक्त संचालक पशुपालन एवं तीनों जिले के उप संचालक कृषि, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं एवं जिला मत्स्य अधिकारी उपस्थित रहे।  
प्रदीप गुप्ता की रिपोर्ट