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गुन्नौर क्षेत्र की शराब दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा दामो में बिक रही शराब।
September 21, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश

पन्ना गुनौर से
गुन्नौर-एक ओर जहां कोरोना काल मे पूरे देश मे लोक डाउन लगने से परिस्थितिया बदल गई है तो वही दूसरी ओर शराब ठेकेदार अपनी मर्जी से महंगी शराब बेचने में उतारू हो चले हैं।
शासन के निर्देशों के बाबजूद भी गुन्नौर क्षेत्र की शराब दुकानों में रेट सूची चस्पा नही की गई जिस कारण ये दुकानदार अपनी मर्जी के रेट बनाकर शराब बेचने में उतारू है।शराब पीने के शौकीन लोग बताते हैं कि शराब दुकानदार  शराब की बोतल में लिखे दामो से ज्यादा दामो में बेचते हैं यदि उनसे कहा जाए कि शराब बोतल में लिखे दाम से अत्यधिक दाम बता रहे हो तो दुकानदार बहस करने में भी उतारू हो जाते हैं मजबूरन हम ग्रामीणों को महंगे दामो में शराब खरीदना पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना कि न तो शराब दुकानों में रेट सुची लगी न ही कोई रशीद दी जाती है।
गुन्नौर क्षेत्र के गांव गांव में बिक रही अवैध शराब।
गुन्नौर क्षेत्र के गांव गांव में अवैध शराब खुलेआम विकती हुई देखी जा सकती है ,दिन दहाड़े प्रशासन की नाक के नीचे से मोटर साइकिलों  में अवैध शराब रखकर जाते हुए देखे जा सकते ।गांव गांव में अवैध शराब बिकने के कारण नए युवा की पीढ़ी  भी इसके शिकार बन रहे जिससे इनके भविष्य के साथ सीधा सीधा खिलवाड़ कर रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शराब मिल रही जिससे नए युवाओं पर भी इसका बुरा असर दिख रहा है।
शासन  के निर्देशों के खुलेआम उड़ाई जा रही धज्जियाँ ।
मध्यप्रदेश शासन ने कुछ दिन पहले एक आदेश जारी किया था जिसमे शराब की दुकानों में रेट सूची लगाने के लिये उल्लेख किया गया था इसके बाबजूद भी गुन्नौर क्षेत्र की शराब दुकान संचालक द्वारा आज तक कोई भी रेट सूची नही चिपकायी गई।और धडल्ले से खुलेआम अपने मनमर्जी के दामो में शराब बिक्री करने में लगे हुए हैं जिससे ग्रामीण  लगातार परेशान होते दिखाई दे रहे हैं
अधिकांशतः मजदूर बर्ग के लोग शराब का सेवन ज्यादा उपयोग करते हैं ,वैसे भी इन मजदूरों को कार्य मिल नही रहे और जो थोड़ी बहुत काम करके मजदूरी मिल भी जाति है तो वह शराब लेने पहुंच जाते हैं जहां शराब दुकान संचालक इनकी मेहनत की कमाई पर नज़र लगाए रहता है।जिस कारण इन्हें महंगे दामो शराब उपलब्ध होती है।
शराब पीने वाले शौकीनो का कहना है कि शराब की दुकानों में लिस्ट रेट चस्पा कर दिया जाए तो  हम लोगो सही दामो में शराब उपलब्ध हो सकेगी।

इनका कहना
इनका कहना 
शराब में वेटटैक्स बढ़ जाने के कारण पुराना स्टॉक प्रिंट रेट से ज्यादा बिक रही है। आप जानकारी उपलब्ध करवा दे जो अवैध रूप से शराब विक्री कर रहे उन पर कार्यवाही की जावेगी
मुकेश पांडेय आबकारी विभाग
तहसील रिपोरटर अजय चनपुरिया की रिपोरटर