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ग्रामीण आबादी सर्वे (स्वामित्व योजना) के अंतर्गत जिले की तहसील परासिया का ड्रोन सर्वे से अधिकार अभिलेख निर्माण के लिये चयन
October 8, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश
ग्रामीण आबादी सर्वे (स्वामित्व योजना) के अंतर्गत जिले की तहसील परासिया का ड्रोन सर्वे से अधिकार अभिलेख निर्माण के लिये चयन
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छिन्दवाड़ा | 08-अक्तूबर
 
      राज्य शासन द्वारा ग्रामों में आबादी भूमि पर स्थित मकानों का भूमि स्वामी अधिकार दिये जाने के लिये स्वामित्व योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत ड्रोन सर्वे और घर-घर जाकर सर्वे करके आबादी भूमि का अधिकार अभिलेख तैयार किया जायेगा। प्रदेश में इस योजना के अंतर्गत 20 नवीन जिलों की एक-एक तहसील का चयन किया गया है जिसमें छिन्दवाड़ा जिले की तहसील परासिया शामिल है। कलेक्टर श्री सौरभ कुमार सुमन के मार्गनिर्देशन में जिले की परासिया तहसील में ग्रामीण आबादी सर्वे (स्वामित्व योजना) के अंतर्गत ड्रोन सर्वे और घर-घर जाकर सर्वे करके आबादी भूमि के अधिकार अभिलेख का निर्माण किया जायेगा।

          अधीक्षक भू-अभिलेख श्रीमती स्मृति खंडेलवाल ने बताया कि भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी का सर्वेक्षण कर अधिकार अभिलेख के निर्माण की योजना कियान्वित की जा रही है जिसका नाम स्वामित्व योजना है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिये राजस्व विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। योजना के क्रियान्वयन के लिये प्रारंभिक चरण के कार्य भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा राजस्व और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से संपादित किये जायेंगे। भारतीय सर्वेक्षण विभाग के साथ राजस्व विभाग द्वारा संपादित अनुबंध के अनुसार सर्वे ऑफ इण्डिया द्वारा राजस्व विभाग के पास उपलब्ध वर्तमान नक्शों को प्राप्त कर ड्रोन सर्वे के लिये प्रारंभिक तैयारी की जायेगी। सर्वे ऑफ इण्डिया द्वारा ड्रोन उडाकर इमेजरी तैयार की जायेगी और इमेजरी के आधार पर प्रारूप नक्शा तैयार किया जाकर राजस्व विभाग को उपलब्ध कराया जायेगा। ड्रोन द्वारा आबादी सर्वे कर केवल उन संपत्ति धारकों का अधिकार अभिलेख तैयार किया जाएगा, जो मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 (यथा संशोधित 2018) के लागू होने की तारीख 25 सितंबर 2018 को आबादी भूमि पर अधिभोगी थे अथवा जिन्हें इस तारीख के बाद विधिपूर्वक आबादी भूमि में भू-खण्ड का आवंटन किया गया है। पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव और कोटवार द्वारा अधिकार अभिलेख के निर्धारित प्रारूप में प्रत्येक प्लाट की प्रविष्टियां संधारित की जायेगी। प्रारूप नक्शे में दर्शित प्लाट के अधिभोगी परिवार के मुखिया का नाम अधिकार अभिलेख में लिखा जायेगा। अधिकार अभिलेख संधारित करने के लिये समग्र आई.डी. का प्राथमिकता से उपयोग किया जायेगा। इसके अलावा मोबाईल नम्बर, ई-मेल और आधार नम्बर की जानकारी भी संकलित की जायेगी।