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धरा, धर्म, धेनू के समर्थक नर्मदा मिशन के संस्थापक समर्थ सद्गुरु भैया जी सरकार
October 4, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश

होशंगाबाद- धरा, धर्म, धेनू के समर्थक नर्मदा मिशन के संस्थापक समर्थ सद्गुरु भैया जी सरकार आज होशंगाबाद आए और एक प्रेस वार्ता कर बताया कि वर्तमान में कोरोना काल की स्थिति में अतिक्रमण कर्ताओं माफिया के दबाव में देश की पहली घटना जहां मूक व बेसहारा गोवंश की सेवा पर प्रतिबंध लगा, अतिक्रमणकारियों माफिया दबंगों के हवाले मां नर्मदा के किनारे बेसहारा गोवंश व मां नर्मदा के संरक्षण संवर्धन में बाधक वह अभिशाप बना दयोदय, मां नर्मदा और गौ माता के संरक्षण संवर्धन पीड़ित मानवता की सेवा के लिए पूर्ण समर्पित है नर्मदा मिशन, नर्मदा मिशन की सेवा पर लगाए प्रतिबंध के विरोध एवं बेसहारा गोवंश व मां नर्मदा के हरित जल संग्रहण क्षेत्र को बचाने अनेक संस्थाएं संगठन एकजुट हुए, मां नर्मदा एवं गौ माता के लिए जीवन समर्पित कर चुके संत समर्थ सद्गुरु भैया जी सरकार द्वारा किए जा रहे सेवा कार्य में बाधा डाले जाने से समाज में तीव्र आक्रोश फैला है उन्होंने बताया कि नगर निगम जबलपुर द्वारा संचालित तिलवारा स्थित बेसहारा गोवंश के लिए समर्पित गौशाला में विगत 2 वर्षों से नर्मदा मिशन व समर्थ गौ चिकित्सा सेवा केंद्र द्वारा निस्वार्थ दिन-रात सेवा की जा रही है जिसके फलस्वरूप बेसहारा गोवंश की दशा में आमूलचूल परिवर्तन आया और विगत 2 वर्षों में गोवंश की संख्या लगभग 400 से 1400 पहुंच गई समर्थ सद्गुरु भैया जी सरकार के मार्गदर्शन एवं सानिध्य में जनभागीदारी से गौवंश को पौष्टिक आहार तो उपलब्ध हुआ ही साथ ही साथ चिकित्सा दल सेवा में 24 घंटे उपलब्ध रहा समाज में सेवा के नाम पर मानवता और गौ माता का शोषण करने वाली दयोदय जैसी संस्था के दबाव में आकर नर्मदा मिशन की सेवाओं पर रोक लगा दी गई है एवं गौ माता की सेवा में अपना सब कुछ निछावर कर चुके भक्तों के नगर निगम गौशाला में प्रवेश तक को प्रतिबंधित कर दिया है कोरोना संक्रमण काल मे राष्ट्र का हृदय नगर बना देश दुनिया का पहला नगर जहां मूक पशुओं बेसहारा गोवंश की रक्षा पर लगा प्रतिबंध, और कहा कि समाज चाहे वह किसी भी धर्म या पंथ को मानता हो पर जल के बिना नहीं रह सकता मां नर्मदा के तट पर बनी दयोदय जैसी संस्थाएं व दबंगों का भू माफिया जो मां के आंचल को नोचने का कार्य कर रहे हैं बेसहारा गोवंश की सेवा व उनके संरक्षक में बाधक बने ऐसी संस्थाएं व्यक्ति समाज के अपराधी हैं इनके खिलाफ सभी को एक साथ संगठित होकर जीवनदायिनी व धर्म संस्कृति के मेरुदंड गोवंश को बचाने का आव्हान किया जाना चाहिए, मां नर्मदा का बेसिन क्षेत्र छिंदवाड़ा का पातालकोट भी है पातालकोट विश्व धरोहर है अन्य स्थानों की तरह पातालकोट के प्राकृतिक स्वरूप को चयन किया जा रहा है पातालकोट में तवा देनवा दुधी सक्कर सीता रेवा आदि मां नर्मदा की सहायक नदियों का उद्गम एवं रिपेरियन जॉन है एवं मां नर्मदा गोदावरी का बेसिन है जो लाखों लोगों को जीवन दे रही है पातालकोट पर दो दशक पूर्व घने वन हुआ करते थे वन संपदा का प्रचुर क्षेत्र अब‌ इस मात्रा में दोहन को शिकार हुआ है कि अब जंगल के स्थान पर निर्जन पहाड़ बन गए हैं वह दिन भी दूर नहीं कि जब पहाड़ की जगह मैदान रह जाएगा, मां नर्मदा की सहायक नदियां विलुप्त हो जाएं एवं मानवता स्वरूप को हम क्षत-विक्षत कर दें इस विचार से समर्थ भैया जी सरकार ने एक जुलाई 2020 से अपना चातुर्मास पातालकोट में बिताया एवं इस दौरान नर्मदा मिशन एवं अनुयाई घर परिवार के साथ पातालकोट में दो लाख से ज्यादा देशभक्तों की स्थापना कराई एवं मिट्टी कटाव को रोकने के लिए कई क्विंटल बाबेल घास का बीजारोपण कराया साथ ही माफियाओं द्वारा साजिश कर कुछ समुदाओं के साथ स्थानीय मूल वन संरक्षक आदिवासी संस्कृति को धर्मांतरण के द्वारा नष्ट कर हटाने का प्रयास विगत दो दशकों से किया जा रहा है कुछ पूंजीपतियों कंपनियों द्वारा धर्मांतरण के माध्यम से पातालकोट की भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है एवं वहां के गरीब आदिवासियों का आर्थिक एवं सामाजिक शोषण अनवरत जारी है ताकि वे पातालकोट की संपदा पर अतिक्रमण कर सकें पातालकोट के मूल स्थानीय निवासी वहां के वन एवं पहाड़ों के संरक्षक हैंउनकी संस्कृति का मूल आधार प्रकृति सेवा ही है इसलिए भैया जी सरकार द्वारा बोल आदिवासी ग्रामों में संवाद कर उनकी संस्कृति को बचाने जीवित रखने का आव्हान कर रहे हैं भैया जी सरकार के संदर्भ में नर्मदा मिशन के समर्थन में होशंगाबाद एवं आसपास के क्षेत्र से समाजसेवी धार्मिक आदि 65 संस्थाओं ने प्रेस वार्ता में उपरोक्त अनुसार अपना मत रखा एवं सभी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे शहर के समाजसेवी एवं नंदनी गोरक्षा एवं गौशाला समिति के आशुतोष शर्मा का भी समर्थन भैया जी सरकार के साथ है।                         प्रदीप गुप्ता की रिपोर्ट