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देवाल विकास खंड के अंतर्गत मंदोली में आयोजित 10 दिवसीय विशेष मौन पालन      
July 19, 2020 • Aankhen crime par • उत्तराखण्ड

थराली चमोली 
देवाल विकास खंड के अंतर्गत मंदोली में आयोजित 10 दिवसीय विशेष मौन पालन    

रिपोर्ट  केशरसिह नेगी

प्रशिक्षण का सामना हो गया हैं।इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान मौन पालन की सिखाई गई तकनीकी का उपयोग करते हुए कास्तकार निकट भविष्य में बेहतरीन लाभ उठाते हुए अन्य कास्तकारों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे।
          मंदोली में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान चमोली के द्वारा आयोजित 10 दिवसीय विशेष मौन पालन प्रशिक्षण शिविर के समापन मौके पर अपर जिलाधिकारी मोहन सिंह बर्निया एवं मुख्य विकास अधिकारी हंसा दत्त पांडे ने बतौर मुख्य अतिथि कहां कि वर्तमान समय में जबकि पूरा विश्व कोविड -19 से बुरी तरह जूझ रहा हैं।और रोजगार के तमाम अवसर समाप्त होते जा रहे हैं। ऐसे समय में स्वरोजगार ही जीवनयापन का जरिया शेष बचा हुआ हैं। उन्होने कहा कि संकट के इस दौर में उत्तराखंड पर भी विश्वव्यापी कोरोना महामारी का व्यापक असर हुआ हैं। हजारों युवा देश के तमाम राज्यों से बेरोजगार हो कर अपने घरों को लौटने पर मजबूर हुए हैं ऐसे में वे इस राज्य के अंदर ही मौजूद प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर स्वरोजगार को अपनाते हुए अपना एवं राज्य की आर्थिकीय को बेहतर मुकाम तक पहुंचा सकते हैं। अधिकारियों ने कहां की मौन पालन के अलावा,मत्सय पालन,कुकुट पालन, भेड़,बकरी पालन, पशुपालन सहित कई अन्य क्षेत्र ऐसे हैं कि जिन को अपना कर स्वंयम के साथ ही कई अन्य बेरोजगारी को भी रोजगार दिया जा सकता हैं।केवल व्यक्ति को थोड़ा से जोखिम के साथ ही ईमानदारी के साथ मेहनत करनी होगी। कहां की स्वरोजगार के लिए कई योजनाएं राज्य के अंदर संचालित हो रही जिसमें कास्तकारों,लघु एवं कुटीर उद्योगों को लगाने के इच्छुक व्यक्ति को कई तरह की सुविधा देने का प्राविधान है। उन्होने सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का भरपूर लाभ उठाने की ग्रामीणों से अपील की।
                  इस मौके पर देवाल के ब्लाक प्रमुख दर्शन दानू ने कहां की देवाल जैसा ब्लाक जहां पर प्रकृति ने तमाम तरह के संसाधन उपहार स्वरुप प्रदान किए हैं। आवश्यक है तो केवल इस बात की कि इस का किस तरह से वैज्ञानिक रूप से विदोहन किया जाए। बताया की आज भी इस ब्लाक में प्रति वर्ष सैंकड़ों किलो शुद्ध एवं दुर्लभ मधुमक्खी का शहद पूरे देवाल ब्लाक के ग्रामीण क्षेत्रों में घरों से लेकर जंगलों में तक होता हैं किन्तु इस का वैज्ञानिक तरीके से विदोहन ना होने के कारण लोगों को अपेक्षित लाभ नही मिल पा रहा है। ऐसे में युवा वर्ग वैज्ञानिक तरीके से बताई गई तकनीकी से मौन पालन के क्षेत्र में आगे कदम बढ़ाते हैं तो निश्चित ही वे साल के हजारों लाखों रुपए कमा सकते हैं।इस ब्लाक के सवाड़ जिला पंचायत वार्ड की सदस्य आशा धपोला एवं प्रधान संगठन देवाल के अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट ने कहां की पहाड़ी क्षेत्र में मिलने वाला शहद मात्र अन्य क्षेत्रों में पाये जाने वाले शहद की तरह का शहद नही है, यहां का शहद जहां एक ओर औषधीय गुणों वाले शहद की श्रेणी में आता है वही इस का मूल्य भी बाकी शहद की अपेक्षा काफी अधिक है।
             इस अवसर पर ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान चमोली के निदेशक अभिषेक कुमार, देवाल के खंड विकास अधिकारी पन्ना लाल,जेष्ठ प्रमुख संगीता बिष्ट,मंदोली के ग्राम प्रधान आनंद बिष्ट,पूर्णा प्रधान मनोज कुमार, प्रकाश कुनियाल आदि ने विचार व्यक्त किए।इस मौके पर अतिथियों ने प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र दिए।
                       मौन पालन प्रशिक्षण शिविर के समापन के बाद एडीएम बर्निया एवं सीडीओ पांडे ने क्षेत्र में कोरोना के कारण अपने रोजगार कोघ छोड़ कर मजबूरन लौटे प्रवासियों से मिल कर उनकी वर्तमान की दिनचर्या के बारे में चर्चा करते हुए आश्वासन दिया कि उन्हें रोजगार के नये अवसर खोजने के लिए प्रशासन हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं।प्रवासी अपने हुनर का प्रयोग यही पर स्थाई रूप से रह कर सकते हैं। जिसमें उनकी पूरी सहायता की जाएगी।