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बसों के बंद होने से रिक्शा चालक हुए  बेरोजगार आर्थिक स्थिति हुई दयनीय....
September 1, 2020 • Aankhen crime par • छतीसगढ़

लॉकडाउन के बाद अब तक बसों का संचालन नहीं होने से बसों से ही रोजी रोटी के लिए आश्रित नगर के रिक्शा वालों के सामने आजीविका की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। नगर के सभी रिक्शा चालक पूर्णत बसों के नहीं चलने से बेरोजगार हो गए हैं। शासन से रिक्शा चालकों को आर्थिक मदद की आस है।
गौरतलब है कि नगर में करीब 20 की संख्या में रिक्शा चालक है जो यहां प्रतिदिन आने वाली दर्जनों बसों से आने वाले समान को दुकानदारों तक पहुंचाते थे जिससे वह प्रतिदिन ₹200 से ₹500 कमा लेते थे परंतु जब से लाकडाउन हुआ है तब से लेकर आज तक बसों का संचालन नहीं हो सका है ऐसे में नगर के रिक्शा चालक बेरोजगार हो गए हैं उनके सामने घर चलाना मुश्किल हो रहा है। रिक्शा चालक प्रतिदिन आश्रय में रहते हैं कि एक-दो दिन में बस का संचालन शुरू हो जाएगा तो समान आना भी शुरू हो जाएगा काम करके हम अपना आजीविका चला लेंगे। रिक्शा चालक मन्नू प्रजापति, महेंद्र राम, गुड्डू चौधरी, राजेंद्र दास ने बताया कि विगत कई दशकों से हम लोग रिक्शा चला रहे हैं रिक्शा चला कर ही हम जीविकोपार्जन करते हैं परंतु जब से बस का चलना बंद हुआ है तब से घर चलाना मुश्किल हो रहा है समझ में नहीं आ रहा है कि हम लोग अब क्या करें हम लोग प्रतिदिन सुबह से शाम तक बस स्टैंड में रहते हैं कि कोई काम मिल जाए परंतु कोई काम भी नहीं मिल रहा है।
शासन से आर्थिक मदद की है आस- नगर के रिक्शा चालकों की स्थिति बहुत ही दयनीय हो गई है 5 महीनों से वे पूर्णत बेरोजगार हैं उन्हें अपना घर चलाना भी मुश्किल हो रहा है ऐसे में नगर के रिक्शा चालकों को शासन से मदद की आस है।