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बाढ़ आपदा से प्रभावित हुआ 3 वर्षों से बना हुआ वैदिक विद्यापीठम, जलमग्न से संस्थान को हुआ लगभग एक करोड़ का नुकसान।
September 2, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश

बाढ़ आपदा से प्रभावित हुआ 3 वर्षों से बना हुआ वैदिक विद्यापीठम, जलमग्न से संस्थान को हुआ लगभग एक करोड़ का नुकसान।

खायद्य सामग्री,मशनरी यन्त्र, व ग्रन्थ हुए खराब

हरदा से कुलदीप राजपूत की खबर- वर्तमान समय में देखा जाए तो वर्षा के अधिक मात्रा में होने से इस वर्ष जिले में काफी भारी वर्षा से जिला जल मग्न दिखाई दिया । जिसमें भारी बरसात से लोगों को बहुत सी परेसानी व नुकसान उठाना पड़ा,  बात करें छिपानेर व गोंदा गांव गंगेश्वरी  के समीप स्थापित मां नर्मदा के तट पर स्थित 3 वर्षों से पुरानी पद्धति से बना हुआ वैदिक विद्यापीठ में जहां पर प्राचीन काल पद्धति विद्यापीठम  गुरुकुल  की तरह वर्तमान में भी गुरुओ द्वारा शिक्षा दी जा रही है , और जिले के लिए बड़े सौभाग्य की बात है कि ऐसा गुरुकुलम हमारे जिले में है वर्तमान में 28 अगस्त से 30 अगस्त तक विगत 4 दिन पहले में जो झमाझम बारिश से जिला भर में जगह जगहों पर बाढ़ से जलमग्न हुआ था जिसमे लोगो काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा ।समिति के सचिव सुमित शर्मा ने बताया कि इस भीषण बाढ़ से वैदिक विद्यापीठ में भोपाल के द्वारा निर्माणाधीन के लिए सामग्री भेजी गई थी जिसमें वैदिक विद्यापीठ का करोड़ों रुपए का नुकसान झेलना पड़ा जिसमें संस्था को काफी नुकसान पहुंचा, शिष्यों  व गुरुओं की काफी परेशानियां झेलनी पड़ी।  संस्था व गांव के लोगों की मदद से बाढ़ आपदा के दौरान  गौशाला मैं भी पानी जा पहुंचा था, तो पशुधन को बाढ़ के दौरान उन्हें तुरंत दूसरी जगह सुरक्षित भेजा गया ।

खाद्य सामग्री ,निर्माण मटीरियल में पहुंचा पानी , यंत्र मशीन हुए खराब-
अधिक बारिश व बाढ़ आपदा आने से विद्यापीठ में रखे खाद्य सामग्री व विद्यापीठ  में रखी हई यंत्र /मशीनरी खराब हुई जिसमें 10 ब्लॉक एवं ऑडिटोरियम जलमग्न होने से स्टोर रूम में रखी मूल्यांकन सामग्री में पानी भर आने से लगभग 600 एक सीमेंट ,400 सीमेंट पुट्टी ,विद्युत सामग्री,  मशीने,  टाइल्स, 200 सनमाइका लकड़ी के कार्य की मशीन पुताई सामग्री इत्यादि खराब हो गए,  200 बलिया , पानी टंकी, सागौन लकड़ी के दरवाजे खिड़कियां लगभग 150 कुर्सियां पानी मे बह गई जिसमें उनका पता ही चला। समिति द्वारा कृषि कार्य के अंतर्गत 305 ड्रिप सिस्टम 3 ट्यूबवेल पानी मोटर ,पानी फिल्टर , सोलर सिस्टम, खाद्य सामग्री 150 कुंटल गेहूं एवं चीजें हुई तथा समिति के 21 एकड़ में सोयाबीन, मक्का, धान, सब्जी फल नष्ट हुए।

ग्रंथों में भर आया पानी 35 बच्चों एवं आचार्यों की बिगड़ी अर्थव्यवस्था----
विद्यालय एवं छात्रावास के अंतर्गत 35 बच्चों एवं आचार्य की व्यवस्थाओं की स्थाई सामग्री 3 बैटरी सहित इनवर्टर 150 टेबल 150 गाड़ी कंबल , दरी ,20 बाल्टी तथा 15 कंप्यूटर, बच्चों की अलमारी एवं पेटियां पुस्तकालय में रखी अमूल्य सांस्कृतिक संस्कृत एवं अन्य ग्रंथों की पुस्तकें आचार्यों के ग्रंथ साहित्य पानी भर जाने से खराब हो गए जिसमें अव आचार्यों व शिष्यों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इस प्रकार वर्तमान परिस्थितियों में  संस्कृत गुरुकुल विद्यापीठ के भौतिक संस्थान को निर्माण कार्य से लेकर खाद्य सामग्री वह उपयोगी चीजें सभी मिलाकर  लगभग के नुकसान का आकलन किया गया तो एक करोड़ के लगभग नुकसान पहुंचा जिसमें बाढ़ में कोई जनहानि नहीं हुई।

बाढ़ के दौरान 24 घंटे में वर्षा की स्थिति थी यह ----
जिले मे 28 अगस्त  से  24 घन्टे में 1000.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। गत वर्ष की इसी अवधी की औसत वर्षा 1005.0 मि.मी. है। अधीक्षक भू-अभिलेख ने बताया कि अभी तक हरदा में 954.7 (गत वर्ष 1005.3) मि.मी., टिमरनी में 1223.6 (गत वर्ष 1220.8) मि.मी., खिरकिया में 823.7 मि.मी. (गत वर्ष 789.0) मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है। जिले की सामान्य वर्षा 1261.7 मि.मी. है। पिछले 24 घंटों में हरदा में 66.0 मि.मी., टिमरनी में 222.4 मि.मी., खिरकिया में 45.0 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है। आज जिले में 111.1 मि.मी औसत वर्षा दर्ज की गई। लेकिन 3 दिनों की  लगातार बारिश से स्तर और भी बड़ गया था।