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अवैध दवा की दुकानों पर डीआई का नियंत्रण नहीं
September 16, 2020 • Aankhen crime par • उत्तरप्रदेश

अवैध दवा की दुकानों पर डीआई का नियंत्रण नहीं    
 जौनपुर । जनपद में अवैध व बिना मानक के चल रहे दवा की दुकानों पर कोई लगाम नहीं है न ही इनके मानकों का निरीक्षण होता है न ही इनपर कोई अन्य कार्यवाई ही सही तरीके की हो रही है । सूत्रों के अनुसार जनपद के कई अवैध मेडिकल स्टोर , औषधि विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों के सह पर चलाए जा रहे हैं । गैर मानक दबा की दुकानों की अगर बात की जाए तो जनपद में बडे पैमाने पर चलने वाले भी कई ऐसे मेडिकल स्टोर हैं जिनका मानक व पंजीकरण स्पष्ट नहीं हैं। बातचीत में फार्मेसी एण्ड फार्मसिस्ट सोसायटी संस्था के प्रदेश उपाध्यक्ष ने बताया कि जनपद के जंघीपुर खुर्द चैराहा ,  आर एम  मेडिकल करंजाकला (होल सेल लाईसेंस पर रिटेलिंग का कार्य ) , गौरव मेडिकल स्टोर सिद्दीकपुर ,पूरानी बाजार स्थित श्रवन कुमार मौर्या मेडिकल स्टोर , मनीष साहू मेडिकल स्टोर  , पान दरीबा स्थित मौर्या मेडिकल स्टोर व अन्य इन जैसे जनपद में सैकडो दा की दुकान अवैध रूप से संचालित हो रहें हैं जिन्हें  औषधि निरीक्षक ने संज्ञान में लेकर भी कार्यवाही नहीं किया है , संस्था ने निरीक्षक पर आरोप लगाते हुए यह भी कहा है कि अधिकारी पक्षपात करते हुए कुछ सही वा की दुकानों  पर कार्यवाही किए जबकि मौखिक रूप से अवगत कराने के बाद भी जनपद में अवैध रूप से चल रहे कई स्टोरों पर जाँच तक नहीं किया । फार्मेसी एण्ड फार्मेसिस्ट सोसायटी संस्था ने बताया की औषधि निरीक्षक अधिकांश रूप से जनपद में मौजूद ही नहीं रहते , किसी जरूरी कार्य के लिए भी यदि उनसे मिलना होता है तो कल आईएगा  की बात कर टाल देते है।   कार्यालय से बातें सुनने को मिलती है और डीआई से मिलने के लिए कार्यालय के अनगिनत चक्कर लगाने पड़ते हैं। संस्था का दावा है कि जनपद पूरी तरह से दवाओं के ब्लैक मार्केटिंग का अड्डा बनता जा रहा है , यहाँ कई ड्रग माफिया अपना कब्जा बनाते जा रहे हैं और यह सब खेल जिला औषधि कार्यालय के नाक के नीचे हो रहा है जिसमें कार्यालय अधिकारियों की मिल भगत बताय जा रही है। डीआई से उनपर लगे आरोपों पर बात की गई तो उनका कहना था कि दवाओं के ब्लैक मार्केटिंग व अवैध मेडिकल्स की यदि उनके पास पुख्ता सबूत के साथ सूचना मिली तो उनपर कार्यवाही त्वरित की जाएगी व जौनपुर में उपस्थिति पर उन्होंने कहा कि उन्हे जौनपुर और भदोही दोनों जिलों को देखना पड़ता है जिसके कारण लोगों से मिल पाने में थोडी असमर्थता होती है।