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आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत’ के अवधारणा को व्यापक परिदृश्य में देखे : एसीएस श्री श्रीवास्तव
August 20, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश
आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत’ के अवधारणा को व्यापक परिदृश्य में देखे : एसीएस श्री श्रीवास्तव
जन योजना अभियान में समग्र कन्वर्जेंस हेतु अंतर्विभागीय बैठक
कटनी | 20-अगस्त
 
   ‘जन योजना अभियान’ अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों में बेहतर एकीकरण, समन्वय एवं कंवर्जेंस आधारित विकास मॉडल (जीपीडीपी) बनाने हेतु त्रि-स्तरीय पंचायत राज संस्थाओं और आजीविका मिशन के तहत गठित महिला स्व-सहायता समूह/ग्राम संगठनों एवं विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री मनोज श्रीवास्तव की अध्यक्षता में अंतर-विभागीय बैठक सम्पन्न हुई।
   अपर मुख्य सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव ने ग्राम पंचायत विकास योजना अभियान के लिये सभी विभागों के अधिकारियों से ‘आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत’ के अवधारणा को व्यापक परिदृश्य में देखे जाने पर जोर दिया। जिससे ग्राम पंचायत योजना को एक समवेशी, एकीकृत, समग्र एवं बहु आयामी योजना का रूप बन सके। उन्होंने ग्राम पंचायत विकास योजना में विभिन्न विभागीय योजनाओं अंतर्गत एक आदर्श ग्राम की परिकल्पना पर आधारित मूलभूत सेवाओं की प्रतिपूर्ति के लिये कार्य एवं गतिविधियों का सूचीकरण करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण लक्ष्य प्राप्ति के लिये ग्राम पंचायतों और स्व-सहायता समूह के कंवर्जेंस से ठोस रणनीति बनाने की आवश्यकता है, जिसमे संबंधित विभागीय गतिविधियों, प्रमुख योजनाओं आदि के मॉडल टेंपलेट्स, पात्रताएं, मानक प्राक्कलन एवं वित्तीय संसाधन की जानकारी पंचायत राज संचालनालय के माध्यम से ग्राम पंचायतों को भेजी जाएंगी।
   बैठक में मुख्यतः बहु-आयामी उद्देश्यों को समाहित किया गया था जिसमें भारत शासन पंचायत राज मंत्रालय की महत्वकांक्षी अभियान “जन योजना अभियान” (पीपल प्लान कैम्पेन) के अंतर्गत वर्ष 2021-22 के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में समग्र ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) की सम्पूर्ण रूपरेखा (रोडमैप) बनाने के लिए कोविड-19 से जनित परिस्थिति में विभिन्न नियोजन प्रक्रिया एवं मानक मापदंड के निर्धारण के लिये सुझाव आमंत्रित कर निर्णय लिए गए।
   भारत शासन द्वारा इस वर्ष पंचायत राज संस्थाओं एवं महिला समूहों द्वारा बनाई जाने वाली ‘ग्राम गरीबी उन्मूलन कार्ययोजना’ आजीविका मिशन की ओर से प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों के ग्राम एवं वार्ड स्तर पर सघन रूप से चलाया जाएगा, जिसमें ग्रामवासियों के मूलभूत सेवाओं, पात्रता और व्यक्तिगत एवं सामुदायिक आजीविका मूलक मांग आधारित व आवश्यकता अनुरूप गतिविधियों को प्रमुखतः से शामिल किया जाएगा। संचालक श्री बी.एस. जमोद ने बताया कि ग्राम व वार्ड स्तर से बनने वाले गरीबी उन्मूलन कार्ययोजनाओं को ’’ग्राम पंचायत विकास योजना’’ (जीपीडीपी) में एक महत्वपूर्ण अव्यय के रूप में सम्मिलित किया जायेगा। इस अभियान में प्रदेश की लीडिंग सिविल सोसायटी संस्थाए प्रदान, ट्रान्स्फ़ोर्मिंग रुरल इंडिया फ़ाउंडेशन, समर्थन, यूनिसेफ़ आदि संस्थाएं पंचायत संचालनालय एवं आजीविका मिशन के साथ जुड़कर कार्य किया जाएगा।
   बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विभाग के अंतर्गत मनरेगा, आजीविका मिशन, मध्यान्ह  भोजन, स्वच्छ भारत मिशन, रुर्बन मिशन के साथ-साथ कृषि विभाग, सामाजिक न्याय एवं अन्य विभागों के अधिकारियों द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान अंतर्गत गठित पीएमयू एवं ट्रान्सफार्म रुरल एरिया सहयोग इकाई के प्रतिनिधियों द्वारा बैठक भाग लिया।