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आरटीआई अधिनियम सुविधा कम परेशान ज्यादा होती हैं जनता मजदूर संघ ने लगाया आरोप, 
October 12, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश

आरटीआई अधिनियम सुविधा कम परेशान ज्यादा होती हैं जनता मजदूर संघ ने लगाया आरोप, 

होशंगाबाद - मजदूर संघ के कार्यकारी अध्यक्ष महेश वर्मा ने बताया हैं कि सूचना का अधिकार अधिनियम - 2005 की धारा 6 (1) के परिपालन में दस रूपय का शुल्क जमा कर 30 दिन की समय सीमा निराकरण कर मांगी गई जानकारी देने का प्रावधान हैं लेकिन नगरपालिका प्रशासन में इस नियम की धडल्ले से खिल्ली उड़ाई जा रही हैं पहले तो जानकारी ही नही दी जाती तीस दिन की समय बर्बाद करने के बाद प्रथम अपील फिर मध्य प्रदेश सूचना आयोग में समझौता के अगर जानकारी मिल जाये तो ठीक नहीं तो दोबारा यही प्रक्रिया अपनाओं या मन मसोस कर नियम को कोसते हुये घर बैठ जाओ ये करती हैं नगरपालिका हाऊसिंग बोर्ड के मंगल भवन में हुये भ्रष्टाचार पर एक समिति ने आरोप लगाये माननीय न्यायालय की शरण में जाने पर भ्रष्टाचार सही पाये गये जो दोषी कर्मचारी थे उन पर कार्यवाही को लेकर आदेश पारित किये गए जो दोषी और भ्रष्ट कर्मचारियों को नगरपालिका अध्यक्ष का संरक्षण मिला कोई कार्यवाही नही हुई जब संघ ने जानकारी मांगी तो नगरपालिका आदेश क्रमांक 1255/सू.का.अधि./ 2020 दिनांक 06/08/2020 से जानकारी दी गई कि मंगलभवन हाऊसिंग बोर्ड की नस्ती वरिष्ठ कार्यालय में हैं नस्ती मिलते ही जानकारी दी जायेगी माननीय न्यायालय से भ्रष्ट कर्मियों को निलंबन कर जांच के आदेश पारित किये गये हैं, तत्कालीन नगरपालिका अध्यक्ष ने पदस्थ रहते हुये अपना प्रभाव डालकर अपने पुत्र के जन्म प्रमाण पत्र जारी करवाये हैं पुत्र एक जन्मतिथि दो संघ ने दिनांक  07/03/2020 में आवेदनपत्र देकर जानकारी मांगी थी 10/10/1999 जारी दिनांक 2311/2013 ,,10/05/1999 जारी दिनांक 1710/1999 अब कौन सी जन्मतिथि सही हैं ये तो वही बता सकते हैं कर्मचारियों के बकाया जीपीएफ, एनपीएस, ईपीएफ फंड कितना बकाया हैं जो उनके मासिक वेतन से काटा गया लेकिन जमा नहीं किया गया जानकारी आज तक नही मिली, मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग में आदेश क्रमांक ए-2365/रासूआ/सीआईसी/होशंगाबाद/2016/21712 भोपाल दिनांक 12/05/2017 चार विदुंओं पर समझौता किया था दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की श्रेणी सहित नियुक्ति, पदस्थापना, कार्य का विवरण, साप्ताहिक अवकाश की पूर्व की तरह सुविधा, 55 वर्ष से अधिक उम्र के दैनिक वेतन कर्मियों की सूची पंप चालक जो साप्ताहिक अवकाश दे रहे हैं उनकी सूची इन मांगोंपर तत्कालीन सीएमओ पवनकुमार के स्थान पर सहायक प्रभारी यंत्री रमेश वर्मा, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन विभाग सुरेश बेलिया ने अपनी उपस्थिति देकर सूचना आयोग को वचन देकर अपना पिंड छुडाया लेकिन सूचना आयोग में किये गये समझौतो का आज तक पालन नहीं किया, नगरपालिका में पदस्थ भ्रष्टाचार मे लिप्त या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहे कर्मचारी जाति प्रमाण पत्र की या चल अचल संपत्ति, के प्रमाण मांगे जाते हैं तो आरटीआई नियम 8 या 9 से अस्वीकार कर दिये जाते हैं ऐसे दोषी कर्मचारियों का संरक्षण किया जाता हैं, सूचना विभाग के प्रभारी सामान्य जाति के होते हुये निलंबन के बाद फर्जी टाइपिंग दस्तावेज लगाकर नगरपालिका में पदस्थ हैं और 25 वर्ष के सेवाकाल में तीन पदोन्नति समय समय पर क्रमोन्नति ले चुके हैं इसलिए मजदूर संघ जो जानकारी मांगता हैं नहीं मिलती कभी भ्रमक, निजी, गोपनीयता की मिसाल देकर मांगी गई जानकारी अस्वीकार कर दी जाती हैं, सूचना विभाग के वरिष्ठ लिपिक जो शायद जनसेवक के पद पर पदस्थ हैं वे भी इस काम के बराबर के हकदार हैं नगरपालिका में वरिष्ठ उप राजस्व निरीक्षक के रहते हुये भी इनको राजस्व निरीक्षक, अतिक्रमण दस्ते का प्रभारी बनाया जाता हैं, 
शासन के अन्य विभाग भी आरटीआई नियम का नगरपालिका की तरह पालन नहीं करते हैं मजदूर संघ देश व प्रदेश की सरकारो से अपील करता हैं कि इस नियम के परिपालन को लेकर उचित कार्यवाही की जाये या यह नियम ही समाप्त कर दिया जावे क्योंकि पब्लिक का जो समय और पैसा बर्बाद होता है वो इस नियम के छलावे से बच सके।
 प्रदीप गुप्ता की रिपोर्ट