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15 अक्टूबर 2020 को शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में
October 15, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश

होशंगाबाद - आज दिनांक 15 अक्टूबर 2020 को शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में महात्मा गॉधी काउंसिल ऑफ रूलर ऐज्यूकेषन हैदराबाद के द्वारा ऑनलाईन वर्कषाप का आयोजन किया गया। इस ऑनलाईन वर्कशाप में एनएसएस अधिकारी इकाई 1 डॉ. ज्योति जुनगरे, एनएसएस इकाई 2 अधिकारी डॉ. हर्षा चचाने, एनसीसी अधिकारी डॉ. संगीता पारे एवं इस वर्कषाप की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन ने की । कार्यक्रम की संयोजक सुश्री ख्याति धुर्वे ने महाविद्यालय की लगभग 80 छात्राओं से जुडकर उनके अनुभवों को साझा किया,
इस कार्यक्रम में अध्यक्षीय उद्बोधन करते हुए प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन ने छात्राओं का उत्साह वर्धन करते हुए कोरोना काल में भी छात्राओं द्वारा किए जा रहे कार्यो की सराहना की। डॉ. जैन ने बताया कि हमारा महाविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु सदैव तत्पर रहता है। एनसीसी, एनएसएस, कैरियर मार्गदर्षन प्रकोष्ठ, पोषण बगिया, वर्मी कम्पोष्ट, मषरूम उत्पादन, हर्बल उद्यान, फैषन डिजाइनिंग इत्यादि इकाईयॉ छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने में महती भूमिका अदा करते हैं। कई छात्राओं ने इससे लाभांवित होकर व्यवसाय प्रारंभ किया है। संम्पूर्ण महाविद्यालय परिसर पॉलीथिन मुक्त एवं स्वच्छ है। उन्होने व्यक्तिगत स्वच्छताके साथ साथ मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता हो बताया। डॉ. ज्योति जुनगरे ने योग, व्यायाम एवं व्यक्तित्व विकास पर अपना उद्बोधन दिया उन्होने बताया कि कैसे योग के द्वारा हम अपने आप को स्वस्थ्य एवं तंदुरूस्त रख् सकते है
डॉ. हर्षा चचाने ने बताया कि हमें शारीरिक स्वच्छता के साथ साथ मानसिक मनोबल को बनाए रखना अति आवष्यक है। यह समय है जब हम अपने आत्मविष्वास को बनाए रखे। एनसीसी अधिकारी डॉ. संगीता पारे ने बताया कि एनसीसी के माध्यम से विद्यार्थी में आत्मविष्वास चरम पर होता है वह हर कार्य को अधिकाधिक तन्मयता से करते है।
एनएसएस में राज्य स्तरीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर चुकी रोषनी धोटे ने बताया कि वह कोरोनाकाल में महाविद्यालय के नाम से नर्सरी का निर्माण किया है जिसमें विभिन्न पौधों को रोपण किया है एवं गॉव के बच्चों को एकत्र कर पौधारोपण एवं स्वच्छता के लिए प्रेरित कर रही है एमएसडब्ल्यू में अध्ययनरत रहते हुए कविता राजपूत ने मधुमक्खी पालन कर बड़ी व्यवसायी बन गई है। इस कार्यक्रम की संयोजक सुश्री ख्याति धुर्वे ने बताया कि इय मंच विद्यार्थियों के अनुभव को साझा करने का है। प्रत्येक संस्थान में यह प्रयास किया जाना चाहिए विद्यार्थी स्वरोजगार से जुडकर आत्मनिर्भर बने। इस ऑनलाईन बर्कषाप में डॉ. किरण पगारे, डॉ. वर्षा चौधरी, डॉ. भारती दुबे, डॉ. पी.आर. मानकर, डॉ. अमिता जोषी, डॉ. श्रीकान्त दुबे, डॉ. पुष्पा दुबे, डॉ. श्रुति गोखले,  कैलाष डोंगरे, अजय तिवारी, डॉ. दषरथ मीना, डॉ. कीर्ति दीक्षित, डॉ. नीतु पवांर, षीतल मेहरा, किरण विष्वकर्मा एवं महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा। प्रदीप गुप्ता की रिपोर्ट