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यूपीएससी घोटाला वर्ष 2019 - पींटिश नागले
August 8, 2020 • Aankhen crime par • मध्यप्रदेश

यूपीएससी घोटाला वर्ष 2019 - पींटिश नागले

बैतूल/सारनी। कैलाश पाटिल

आज देश की बड़ी आबादी जो एससी, एसटी, ओबीसी समाज की है। उनको मुख्यधारा में आने से रोका जा रहा है। कांग्रेस पार्टी के पींटिश नागले ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि मोदी सरकार सवर्ण हितेषी कार्य कर रही है और जो बाबा साहब अंबेडकर द्वारा दिए गए अधिकार वंचित पिछड़े और शोषित समाज के लोगों की अवहेलना कर रहे है। जब देश की सबसे प्रमुख परीक्षा जो ऐसे छात्रों की नियुक्ति करता है जो कलेक्टर या एसपी जैसे बड़ों पदों पर नियुक्ति लेते हैं फिर नोटिफिकेशन के अनुरूप पूरे पदों पर नियुक्ति क्यों नहीं की जा रही है। क्यों छात्रों से यह सब छुपाया जा रहा है। शेष 98 पद क्या गुप्त रूप से सवर्ण के लिए आरक्षित हैं या उन पर आरएसएस के लोगों को लेटर द्वारा नियुक्ति दी जाएगी। सरकार का नोटिफिकेशन कह रहा है
सिविल सर्विस में 927 वेकेंसी। रिज़ल्ट आया है 829 लोगो का। 
बाक़ी 98 सीटों को गोपनीय तरीक़े से क्यों भरा जा रहा है?
सरकार जवाब दे। 
अगर आप एक कलेक्टर या एक एसपी का, उसकी ताक़त और उसके प्रभाव का मतलब समझते हैं तो 98 सीटों का मतलब आप समझ जाएँगे, जिन्हें सरकार चोर दरवाज़े से भरना चाहती है। जनरल सीट का मतलब सवर्ण सीट लगा लिया गया है। और किसी न किसी तरह की साज़िश करके सवर्णों का 50% कोटा लागू किया जा रहा है। जनरल सीटें ओपन/अनारक्षित सीटें हैं जो भी जनरल मेरिट में आए, वह जनरल है। पहले तो जनरल यानी ओपन कटेगरी में 10% को सरकार ने ग़रीबी के नाम पर सवर्णों को दे दिया। अब ओपन कटेगरी की 40% सीटों में एससी एसटी, ओबीसी, को आने नहीं दिया जा रहा है। 15% सवर्ण आबादी को 50% सीटें कैसे दी जा सकती हैं।