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July 26, 2020 • Aankhen crime par

किसानों की बड़ी चिंता है ,नहीं हो रही बारिश
सफेद मच्छर व इल्लिया प्रकोप से सोयाबीन  फसल  हो रही खराब ।
किस नाशक दवाइयों का छिड़काव भी हो रहा फेल, उत्पादन में आ सकती है कमी

हरदा से कुलदीप राजपूत की खबर-इन दिनों देखा जाए तो वर्षा के मौसम में अभी तक उस तरह से बारिश नहीं हुई है। जोकि हर वर्ष इन दिनों    वर्षा का स्तर होता है, वह देखने को नहीं मिल रहा है जिससे किसानों में भी चिंताएं बढ़ने लगी है । किसानों द्वारा सोयाबीन की फसल तो वो दी गई है। फसलों को जो पानी मिलना चाहिए वह इन दिनों नहीं मिल पा रहा है। तहसील टिमरनी के अंतर्गत आने वाले गांव , करताना , नोसर ,पूरा ,तजपुरा, रुन्द्रलाय, लछोरा , शमशाबाद ,छीपानेर इत्यादि  गाँवो में बारिश  की कमी से इन दिनों सोयाबीन फसल पर सफेद मच्छर  का प्रकोप धीरे धीरे बढ़ रहा है। इसको लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरे खींचने लगी है। दरअसल यह मच्छर  सोयाबीन के पत्तों  का रस चूसकर उन्हें छलनी कर  पौधों को नुकसान पहुंचा रहे है।इस समय सोयाबीन की फसल फूल और फल पर चल रही
किसानों की चिंता का कारण बन रही है।


कीटनाशक दवाइयां भी हो रही फेल-------
किसानों द्वारा सोयाबीन फसल को बचाने के लिए , कीटनाशक दवाईयां भी इन कीटों पर बेअसर साबित हो रही है। यदि यही हाल बने रहे तो  विकासखंड में सोयाबीन का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। जानकार की माने तो बारिश की कमी के कारण फसलों में कीटों का प्रकोप बड़ा है। अगर जोरदार बारिश होती है तो फसलों को कीटों के प्रकोप से मुक्ति मिल सकती है।

 

 इल्लियों व मच्छर इस तरह से कर रहे फसल खराब, ------
 इल्लियों और सफेद मच्छर के कारण पौधें प्रभावित हो रहे है। किसान इल्लियों  एवं मच्छरों को मारने के लिए दवाई का छिड़काव कर रहा है। लेकिन यह उपाए भी असरकारक साबित नहीं हो पा रहे है। कीटों के असर से पौधों की पत्तियां पर  बैठकर उन्हें खाया जाता है जिससे पत्तियों पर छेद हो जाते हैं। पत्तियां सुकराने लगी है ,और पौधे की ग्रोथ कम होने एवं बारिश के उतार-चढ़ाव से पौधे को नुकसान होने से  सोयाबीन का दाना छोटा रहने की आशंका  है जिससे सोयाबीन उत्पादन में कमी भी आ सकती है।